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नालंदा में अब और नहीं अभियान की शुरुआत

 

 

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता के नेतृत्व में 6 नवंबर को बिहार शरीफ से शुरू की जाएगी यात्रा, बिहार में परिवर्तन के लिए चलाया जाएगा महा अभियान

 

नालंदा में अब और नहीं अभियान की घोषणा भाजपा के वरिष्ठ नेता अब और नहीं अभियान के संयोजक इंजीनियर प्रणव प्रकाश ने शनिवार को शहर के आईएमए हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर की।

 

वरिष्ठ भाजपा नेता इंजीनियर प्रणब प्रकाश ने कहा कि अब और नहीं अभियान की संवाद यात्रा की शुरुआत 6 नवंबर को बिहार शरीफ से शुरू की जाएगी। इस दिन हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सुबह 8:00 बजे बिहार शरीफ से राजगीर, गिरियक, पावापुरी, अस्थावां, कैला मोड़, बिन्द, हरनौत, रहूई होते हुए वापस बिहार शरीफ तक सफर पूरा किया जाएगा। अब और नहीं अभियान बिहार में परिवर्तन के लिए महाअभियान है। यह कार्यक्रम अपने आप में अनूठा है और जिले की तस्वीर बदलने का माद्दा रखता है।

 

 

इंजीनियर प्रकाश ने कहा कि आज बिहार एवं नालंदा में युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, कामगारों एवं अन्य समूहों में रोष और असंतोष बढ़ता जा रहा है। एक तरफ योजनाओं और अवसरों की बात होती है। वहीं दूसरी तरफ समुचित तरीके से इनके क्रियान्वयन ना होने के कारण असंतोष की भावना पैदा होती है। इन्हीं बदलते संदर्भ में अब और नहीं अभियान की शुरुआत की जा रही है।

 

 

इंजीनियर प्रणव प्रकाश ने आगे कहा की अपना देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख एवं अहमियत अभूतपूर्व तरीके से बढ़िया विश्व के ज्यादातर देश भारत के साथ आर्थिक साझेदारी के लिए प्रयत्नशील हैं इस तेज विकास का प्रतिबिंब भारत के विभिन्न देशों में देखा जा सकता है इन प्रदेशों में बढ़ती खुशहाली महसूस की जा सकती है वहीं बिहार राज्य का या दुर्भाग्य है की योजनाओं एवं कार्यक्रम सही तरीके से धरातल पर नहीं उतर पाते हैं। अफसर शाही और भ्रष्टाचार ने बिहार के पूरी व्यवस्था को जकड़ कर रखा है। कुछ कामों में थोड़ी प्रगति दिखती है। जैसे केंद्र सरकार की सहायता से सड़क निर्माण में काफी सुधार हुआ है, रेल की स्थिति बेहतर हुई है, नए हवाई अड्डे बनाए गए हैं। मगर दूसरे राज्यों में सफलतापूर्वक चल रही कई लोकप्रिय योजनाएं बिहार आते हीं दम तोड़ती दिखती है। यही कारण है कि यहां जनता त्रस्त है और बड़ी संख्या में बिहार राज्य के लोग दूसरे राज्यों में पलायन को मजबूर हैं।


वही इस मौके पर अभियान से जुड़े दिनेश मेहता ने कहा कि बिहार वासियों ने बहुत बर्दाश्त किया। मगर अब और नहीं अब बर्दाश्त की सीमा समाप्त हो चुकी है और व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। वहीं हरेंद्र प्रसाद ने कहा कि अब और नहीं अभियान केंद्र सरकार के विभिन्न लाभकारी योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को मजबूर करेगा। हम चाहेंगे तो बिहार भी बदलेगा और नालंदा के लोगों को उनका हक मिलकर रहेगा।

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